अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार युद्ध की आहट तेज हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रुसेल्स 93 अरब यूरो के टैरिफ या अमेरिकी फर्मों पर बाजार प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है। कारण? ग्रीनलैंड से जुड़ी अमेरिकी धमकियां।
डावोस फोरम की बैठकों से पहले ईयू ऐसे जवाबी उपाय तेजी से तैयार कर रहा है, ताकि ट्रंप से बातचीत में बेहतर सौदा हो सके। फाइनेंशियल टाइम्स ने इसकी पुष्टि की है।
यह योजना पुरानी है- पिछले साल बनी सूची को ट्रेड वॉर रोकने हेतु फरवरी तक टाला गया। लेकिन ग्रीनलैंड तनाव से रविवार को यूरोपीय देशों के प्रतिनिधि सक्रिय हो गए। सिन्हुआ न्यूज के मुताबिक, अमेरिकी कंपनियों को यूरोप से दूर रखने वाले नियमों पर भी मंथन हुआ।
उधर, प्रभावित आठ राष्ट्रों ने डेनमार्क-ग्रीनलैंड के प्रति पूर्ण समर्थन का ऐलान किया। ट्रंप ने शनिवार ट्वीट कर 1 फरवरी से 10% टैरिफ और जून से 25% की चेतावनी दी, ग्रीनलैंड खरीद तक।
डावोस में ट्रंप की यूरोपीय नेताओं संग भेंट तय है, जिसमें उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य हैं। यूक्रेन बैठक भी संभव। यह विवाद वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला सकता है। डावोस के फैसले गौरतलब होंगे।