विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में विदर्भ ने सौराष्ट्र को 38 रन से करारी शिकस्त देकर पहली बार चैंपियन बनने का सपना साकार कर लिया। अहमदाबाद में हुए इस मुकाबले ने विदर्भ की क्षमता को बखूबी रेखांकित किया।
पहले बल्लेबाजी में विदर्भ ने मजबूत 304/9 का स्कोर खड़ा किया। अथर्व तायडे़ की 118 रनों की सदी ने पारी की नींव रखी। वडकर के 56 और अन्य बल्लेबाजों के योगदान से स्कोरबोर्ड चमका। सौराष्ट्र के गेंदबाजों ने कोशिश की, लेकिन सफलता सीमित रही।
जवाब में सौराष्ट्र 266 पर आउट हो गया। सरवते की 4 विकेट वाली धांसू गेंदबाजी ने मध्यक्रम को ध्वस्त कर दिया। नलकंडे और यादव ने भी कमाल दिखाया। कप्तान उनादकट की 70 रनों की पारी व्यर्थ चली गई।
यह खिताब विदर्भ के संघर्षपूर्ण सफर का फल है। सेमीफाइनल में केरल पर जीत के बाद फाइनल में दबदबा। यह सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। सौराष्ट्र को बधाई के साथ विदर्भ का बोलबाला।