दुनिया के आर्थिक मंच पर भारत की धमक! दावोस में WEF की बैठक के लिए प्रमुख भारतीय नेता पहुंचे हैं। बर्फीली वादियों में वैश्विक एजेंडा तय करने भारत तैयार है।
मुकेश अंबानी, गौतम अडानी, अनिल अग्रवाल जैसे कॉर्पोरेट जायंट्स ने हिस्सा लिया। पियूष गोयल जैसे मंत्री भी साथ हैं, जो भारत के आर्थिक चमत्कार को बयां करेंगे।
‘विश्वास का पुनर्निर्माण’ विषय पर बहस होगी। भारत अपनी 1.4 अरब आबादी, डेमोक्रेसी और 450 अरब डॉलर के निर्यात से मजबूत स्थिति में है।
AI, जलवायु वित्त और व्यापार समझौतों में भारतीय दृष्टिकोण प्रमुख रहेगा। अडानी हरित हाइड्रोजन परियोजनाओं का जिक्र करेंगे, जो 500 अरब डॉलर के एक्सपोर्ट का वादा करती हैं।
IMF, WTO प्रमुखों से द्विपक्षीय वार्ताएं होंगी। रुपया व्यापार और अफ्रीकी निवेश पर फोकस रहेगा।
दावोस हमेशा से डील-मेकिंग का केंद्र रहा – BRICS विस्तार से लेकर क्लाइमेट फंड्स तक। भारत का G20 लिगेसी यहां काम आएगा।
युवाओं के लिए रोजगार, स्किलिंग और शहरों का विकास चर्चा का विषय बनेगा। भारत की सॉफ्ट पावर – योग, बॉलीवुड – माहौल बनाएगी।
चीन की मंदी और अमेरिकी ब्याज दरों के बीच भारत की 6.8 प्रतिशत ग्रोथ चमक रही है। 2023 में 16 अरब डॉलर FDI वादे हुए थे, इस बार और बड़े ऐलान संभव।
दावोस 2024 भारत को प्रमुखता देगा, जब ‘मेक इन इंडिया’ वैश्विक साझेदारियां गढ़ेगा।