ब्रिटेन में सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बच्चों को बचाने के लिए नया कानून बनने की कगार पर है। 16 वर्ष से कम आयु वालों के लिए प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाने की बहस तेज हो गई है। ऑस्ट्रेलिया के सफल मॉडल को आधार बनाकर यह प्रस्ताव संसद में पहुंच चुका है।
ओफकोम की रिपोर्ट्स चेतावनी देती हैं कि एल्गोरिदम आधारित कंटेंट युवाओं को लत लगा रहा है, जिससे नींद की कमी, डर और शोषण के मामले बढ़ रहे हैं। सरकार अब उम्र सत्यापन प्रणाली लाने पर जोर दे रही है, जिसमें भारी जुर्माना और तकनीकी जांच शामिल होगी।
ऑस्ट्रेलिया में ई-सेफ्टी आयुक्त ने चेहरे की पहचान और थर्ड-पार्टी वेरिफिकेशन से लाखों फर्जी अकाउंट्स रोके हैं। ब्रिटेन में भी इसी तरह के उपायों से साइबरबुलिंग में कमी की उम्मीद है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चों के दिमाग को इसकी जरूरत नहीं।
विरोधी गुटों का तर्क है कि इससे नौजवानों की अभिव्यक्ति प्रभावित होगी। सिलिकॉन वैली की कंपनियां कानूनी लड़ाई की धमकी दे रही हैं। फिर भी, एनएसपीसीसी जैसे संगठन इसे जरूरी कदम बता रहे हैं।
परामर्श प्रक्रिया जल्द खत्म होने वाली है। यदि बिल पास हुआ तो यह यूरोप के लिए मिसाल बनेगा, जहां बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि होगी।