भारत की बिजली वितरण कंपनियां आर्थिक संकट से निकलकर वित्त वर्ष 2024-25 में 2,700 करोड़ रुपये से ज्यादा का लाभ हासिल करने में कामयाब हुईं। वर्षों के घाटे के बाद यह सफलता क्षेत्र में नई उम्मीद जगा रही है।
संचालन दक्षता, डिजिटल तकनीक और नीतिगत समर्थन मुख्य कारक रहे। स्मार्ट मीटर लगाने से चोरी और बकाया वसूली में सुधार हुआ, जबकि पावर परचेज समझौतों की समीक्षा ने खर्च घटाया। मध्य प्रदेश, गुजरात और तेलंगाना की डिस्कॉम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
आरडीएसएस जैसी योजनाओं से 3 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जिसने बुनियादी ढांचे को मजबूत किया। अब डिस्कॉम कर्ज चुकाने, निजी निवेश आकर्षित करने और हरित ऊर्जा अपनाने की स्थिति में हैं। उपभोक्ताओं को भी लाभ मिलेगा, जैसे स्थिर दरें।
भविष्य में कोयला कमी और 500 गीगावाट नवीकरणीय लक्ष्य चुनौतियां हैं, लेकिन FY25 का प्रदर्शन सकारात्मक संकेत है। यह सुधार बिजली आपूर्ति को मजबूत बनाकर देश की प्रगति को गति देंगे।