वैश्विक कंपनियों का पाकिस्तान से पलायन बढ़ रहा है। वित्त मंत्री औरंगजेब के अनुसार, भारी कराधान और ऊर्जा लागत ने व्यवसायों को बेजार कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह निवेश और रोजगार के लिए खतरा है।
प्रॉक्टर एंड गैंबल, कोलगेट जैसी कंपनियां कारखाने बंद कर रही हैं। बिजली दरें 20 सेंट प्रति किलोवाट घंटे से ऊपर पहुंच गई हैं, जो वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक हैं। 39 प्रतिशत कॉर्पोरेट टैक्स ने हालात और खराब कर दिए हैं।
पिछले वित्त वर्ष में एफडीआई घटकर महज 1.3 अरब डॉलर रह गया। सर्कुलर डेट और सब्सिडी का बोझ टैरिफ बढ़ा रहा है। कंपनियां अब इथियोपिया और इंडोनेशिया जैसी जगहों पर जा रही हैं।
आईएमएफ समर्थित सुधारों में टैक्स बेस बढ़ाना और यूटिलिटीज का निजीकरण शामिल है। लेकिन मजदूर यूनियन नौकरियों के नुकसान की आशंका जता रही हैं। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में पाकिस्तान पिछड़ रहा है। ऊर्जा और वित्तीय ढांचे में व्यापक बदलाव जरूरी हैं।