रसोईघर की शान हींग न केवल व्यंजनों को अनोखा स्वाद देती है बल्कि शरीर को कई रोगों से दूर रखती भी है। प्राचीन काल से उपयोग में लाई जा रही यह मसाला पाचन सुधारने, वजन कम करने और अन्य स्वास्थ्य लाभों के लिए जानी जाती है।
मध्य एशिया के पहाड़ी क्षेत्रों में उगने वाले पौधे से हींग का राल निकाला जाता है। पाउडर रूप में उपलब्ध यह मसाला लहसुन-प्याज का विकल्प भी है।
पाचन समस्याओं पर हींग का असर तुरंत दिखता है। यह गैस्ट्रिक जूस बढ़ाती है, पेट दर्द मिटाती है। आयुर्वेद में वात नाशक मानी जाती है। वैज्ञानिक अध्ययनों ने भी इसके गुणों की पुष्टि की है।
मोटापा घटाने के इच्छुक लोगों के लिए हींग वरदान। यह फैट मेटाबॉलिज्म को तेज करती है, इंसुलिन संतुलित रखती है। जीरा-हींग का पानी पीने से पेट साफ रहता है और भूख नियंत्रित होती है।
अस्थमा, खांसी में राहत, मासिक पीड़ा में कमी जैसे लाभ भी हैं। इसके जीवाणुरोधी गुण संक्रमण रोकते हैं। रक्तचाप नियंत्रण में सहायता।
तड़के में डालें, चाय में मिलाएं या लेह बनाएं। अधिक मात्रा से बचें। हींग अपनाकर स्वस्थ जीवन जिएं, स्वाद का लुत्फ लें।