हींग को ‘स्वाद और स्वास्थ्य का खजाना’ कहा जाए तो अचरज न हो। मध्य एशिया के पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाली यह मसाला आयुर्वेदिक चिकित्सा का आधार रही है। पाचन क्रिया दुरुस्त करने से मोटापा भगाने तक इसके गुण लाजवाब हैं।
पौधे की जड़ से रस निकालकर तैयार की जाने वाली हींग तेज दुर्गंध वाली होती है, लेकिन पकाने पर सुगंधित हो जाती है। भारतीय खानपान में यह बिना प्याज-लहसुन के व्यंजनों को जीवंत बनाती है।
पेट की परेशानियों का रामबाण इलाज है हींग। यह गैस्ट्रिक जूस बढ़ाती है, जिससे खाना जल्दी पचता है। कब्ज, डायरिया और अल्सर में असरदार। बच्चों के कोलिक दर्द में भी डॉक्टर सलाह देते हैं। जीरा-हींग का पानी रोज पिएं तो आंतें स्वस्थ रहेंगी।
वजन प्रबंधन में हींग चमत्कार करती है। यह फैट को तोड़ने वाले एंजाइम्स सक्रिय करती है और इंसुलिन संवेदनशीलता सुधारती है। क्लिनिकल ट्रायल्स में हींग लेने वालों ने बिना डाइटिंग के ही 4-6 किलो कम किया। डिहाइड्रेशन रोककर यह वाटर रिटेंशन भी घटाती है।
सांस की बीमारियों, जोड़ों की सूजन, त्वचा समस्याओं और एनीमिया में लाभकारी। आयरन और फोलिक एसिड से भरपूर। गर्भवती महिलाएं डॉक्टर से पूछें।
स्नैक्स से डिनर तक हींग छिड़कें। स्वास्थ्य यात्रा को स्वादिष्ट बनाएं।