कजाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई क्षेत्र महिलाओं के नेतृत्व से चमक रहा है। अस्थाना से लेकर ग्रामीण इलाकों तक, महिला उद्यमी विकास के इंजन बन गई हैं।
48 प्रतिशत एमएसएमई महिलाओं के हाथों में हैं, जो जीडीपी में बड़ा योगदान दे रहे हैं। दामू फंड जैसी योजनाओं ने 500 मिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग उपलब्ध कराई है। डिजिटल मार्केटिंग और वित्तीय साक्षरता पर प्रशिक्षण ने महिलाओं को सशक्त बनाया।
शिमकेंट की सल्तानत ने एग्रीटेक स्टार्टअप से 500 किसानों को लाभ पहुंचाया। सरकारी इनक्यूबेटरों ने नवाचार को बढ़ावा दिया। लैंगिक पूर्वाग्रह और पूंजी की कमी जैसी बाधाएं कम हो रही हैं।
महिला उद्यमों के निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। 2030 तक यह आंकड़ा 60 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। यह बदलाव तेल-निर्भर अर्थव्यवस्था को विविधता प्रदान कर रहा है। कजाकिस्तान महिला सशक्तिकरण का मॉडल बन रहा है।