2026 को भारतीय इक्विटी के लिए परफेक्ट ‘गोल्डीलॉक्स’ वर्ष बताया जा रहा है, जिसमें करीब 11 प्रतिशत रिटर्न की संभावना है। रिपोर्ट में आर्थिक स्थिरता, कम मुद्रास्फीति और नीतिगत समर्थन को मुख्य आधार बनाया गया है।
भारत की अर्थव्यवस्था इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और मैन्युफैक्चरिंग बूम से गति पकड़ेगी। निफ्टी 50 कंपनियों की कमाई 15-18 प्रतिशत बढ़ सकती है। तकनीकी निर्यात और घरेलू खपत चमकेंगी।
अमेरिकी फेड के रेट कट से उभरते बाजारों में पूंजी आएगी। कच्चे तेल कीमतों में गिरावट लागत कम करेगी। हालांकि, वैश्विक चुनाव और आपूर्ति श्रृंखला बाधाएं सतर्कता बरतने की नसीहत देती हैं।
जनसांख्यिकीय लाभ और डिजिटल रूपांतरण मजबूत आधार प्रदान करेंगे। मिडकैप और स्मॉलकैप में विविधीकरण सुझाया गया है। 2026 समृद्धि का संतुलित वर्ष साबित हो सकता है।