किशोर उम्र में फिटनेस का असर जिंदगी भर रहता है—यह साबित करती है ताजा वैज्ञानिक स्टडी। 10,000 से ज्यादा महिलाओं के आंकड़ों से पता चला कि टीनएज में हफ्ते में तीन बार जोरदार व्यायाम करने वालों को ब्रेस्ट कैंसर 24 प्रतिशत कम लगा। यह सुरक्षा वयस्कावस्था में भी बनी रहती है।
20 साल लंबे इस शोध में पाया गया कि व्यायाम एस्ट्रोजन कम करता है और इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाता है। स्तन घनत्व घटने से ट्यूमर का खतरा कम होता है। सह-लेखक डॉ. राज पटेल बोले, ‘किशोरावस्था सुनहरा समय है, तब बने आदी लाइफटाइम चलें।’
जॉगिंग, स्विमिंग जैसी सामान्य गतिविधियां कारगर साबित हुईं। स्क्रीन के जमाने में निष्क्रियता बढ़ रही है, इसलिए नीतिगत बदलाव जरूरी। ब्रेस्ट कैंसर से दुनिया भर में लाखों प्रभावित हैं। सरकारी योजनाओं से खेल सुविधाएं बढ़ें, ताकि हर लड़की सुरक्षित भविष्य पाए। रोकथाम ही सबसे बड़ा इलाज है।