भारत के हर गांव को जून तक 4जी कनेक्टिविटी प्रदान करने की योजना पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुहर लगा दी। यह घोषणा ग्रामीण डिजिटल सशक्तिकरण की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सिंधिया ने अपने संबोधन में विस्तार से योजना की रूपरेखा बताई। हजारों टावरों की स्थापना और वायरलेस-वायर्ड समाधानों से लास्ट माइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा रही। ‘गांवों में कनेक्टिविटी नई जीवनरेखा बनेगी,’ उन्होंने कहा।
पिछले चरणों की सफलता पर आधारित यह प्रयास लाखों किलोमीटर फाइबर बिछा चुका है। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्य अग्रणी हैं, जबकि रिलायंस जियो व एयरटेल जैसी कंपनियां सहयोग कर रही हैं।
टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन कौशल विकास और सरकारी सेवाओं की कल्पना ही नई है। 4जी से ई-कॉमर्स, डिजिटल बैंकिंग और सटीक खेती को बल मिलेगा। सिंधिया ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में परिवर्तन की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
त्वरित मंजूरी और वित्तीय प्रोत्साहन से बाधाएं दूर हो रही हैं। ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों में सोलर ऊर्जा से सेवा निर्बाध रहेगी। राष्ट्रव्यापी डैशबोर्ड से प्रगति पर नजर रखी जा रही।
आत्मनिर्भर भारत के अनुरूप यह मील का पत्थर डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। जून के बाद 5जी की राह प्रशस्त होगी। जुड़े गांव राष्ट्रीय प्रगति के इंजन बनेंगे, जो शहरी-ग्रामीण विभेद को मिटाएगा।