दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक मंच दावोस में केरल का मजबूत प्रतिनिधिमंडल वैश्विक निवेशकों को लुभाने पहुंचेगा। इसमें मंत्री, उद्योग नेता और आर्थिक सलाहकार शामिल हैं, जो अरबों डॉलर के निवेश और साझेदारियां लाने के इरादे से लैस हैं।
आयुर्वेद वेलनेस हब, मसाला निर्यात चेन और कोस्टल इकोनॉमिक जोन जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया जाएगा। निवेश मंत्री बोले, ‘हम सिर्फ समुद्र तट नहीं बेच रहे, स्केलेबल बिजनेस मॉडल पेश कर रहे हैं।’
डब्ल्यूईएफ के जलवायु लचीलापन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सत्रों में केरल की विशेषज्ञता चमकेगी। फॉर्च्यून 500 कंपनियों, संप्रभु फंड्स और वर्ल्ड बैंक से नेटवर्किंग होगी।
केरल इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड ने अप्रूवल प्रक्रिया सरल बनाई है। पिछले वित्तीय वर्ष में रिन्यूएबल्स और बायोटेक में रिकॉर्ड निवेश आया। दावोस में रोडशो और इन्वेस्टर मीट आयोजित होंगे।
ट्रेड यूनियन ताकतवर हैं, लेकिन कुशल वर्कफोर्स और एनआरआई रेमिटेंस विकास का आधार हैं। सेमीकंडक्टर, ईवी और इको-टूरिज्म में बड़े एमओयू की संभावना।
दावोस के ग्लैमरस हॉल में केरल की समावेशी विकास कहानी अलग चमकेगी। डील्स फाइनल हुईं तो गुजरात-तमिलनाडु को टक्कर देंगी। केरल के भविष्य पर नजर रखें।