भारत के लिए बड़ी खबर। इटली के राजदूत ने घोषणा की कि यूरोपीय यूनियन देश का सबसे बड़ा व्यापारिक साथी बन चुका है। यह वैश्विक व्यापार परिवर्तनों के बीच महत्वपूर्ण है।
दिल्ली में उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद में विटोरियो सैंडाली ने आंकड़े पेश किए। ईयू के साथ भारत का व्यापार 124 अरब डॉलर पर पहुंचा, जो अन्य प्रमुख भागीदारों से आगे है।
रसायन, वस्त्र, ऑटो पार्ट्स भारत के प्रमुख निर्यात हैं। वहीं, मशीनरी, रसायन और विलासिता वस्तुएं आयात होती हैं। इटली ने 12 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की।
10 अरब यूरो से अधिक निवेश इटली ने किया है। एनल ग्रीन पावर जैसी कंपनियां सक्रिय हैं। एफटीए वार्ता में आईपी और निवेश सुरक्षा पर जोर।
राजदूत ने इलेक्ट्रिक वाहन और सर्कुलर इकोनॉमी में सहयोग बढ़ाने को कहा। भारत की मेक इन इंडिया और ईयू की ग्लोबल गेटवे रणनीतियां मेल खाती हैं।
व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार, समझौते से पांच वर्षों में 50 प्रतिशत वृद्धि संभव। राजदूत के बयान ने वार्ता को गति देने का संकेत दिया है।
यह साझेदारी समृद्धि का आधार बनेगी, जिसमें दोनों पक्षों को लाभ होगा।