आयुर्वेदिक चिकित्सा में घी अमृत के समान है, जो शरीर को ताकतवर बनाता है। हड्डियों की मजबूती, मानसिक शांति और चेहरे की रंगत बढ़ाने में यह सर्वोत्तम है। विज्ञान भी इसके पोषक तत्वों की तारीफ करता है।
घी में मौजूद ब्यूटिरेट हड्डियों को घनत्व प्रदान करता है। ऑस्टियोपोरोसिस रोगियों के लिए यह रामबाण है। तिल के साथ मिलाकर खाने से जोड़ों का दर्द गायब हो जाता है।
व्यस्त जीवन के तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए घी ब्रेन फूड है। यह कोर्टिसोल कम करता है और एकाग्रता बढ़ाता है। नस्य चिकित्सा में घी का उपयोग चमत्कारिक परिणाम देता है।
सौंदर्य के क्षेत्र में घी त्वचा को पोषित कर झुर्रियां मिटाता है। रातभर चेहरे पर लगाने से सुबह चमक आ जाती है। विटामिन ई से भरपूर यह प्राकृतिक मॉइस्चराइजर है।
उपयोग: सुबह खाली पेट एक चम्मच या रोटी पर परोसें। कफ प्रकृति वाले मसालों के साथ लें। शुद्ध घी चुनें। इस अमृत से जीवन को स्वस्थ और सुंदर बनाएं।