सीबीआईसी ने निर्यातकों के लिए राहत भरी खबर दी है। डाक सेवा से भेजे जाने वाले सामान पर इंसेंटिव दरें बढ़ा दी गई हैं, जिसका सबसे ज्यादा फायदा ई-कॉमर्स और एमएसएमई को मिलेगा।
इस नई व्यवस्था से डाक निर्यात पर मिलने वाली सहायता राशि में भारी इजाफा हुआ है, जो शिपिंग और अनुपालन लागत को कम करेगा। वैश्विक ई-कॉमर्स उछाल के दौर में भारतीय विक्रेताओं को यह मजबूती देगा।
एमएसएमई, जो 45 प्रतिशत से अधिक निर्यात में योगदान देते हैं, के लिए यह वरदान है। कूरियर खर्चों से परेशान व्यवसायों को अब डाक एक सस्ता और प्रोत्साहित विकल्प देगी।
लाभ: आईसीईगेट पोर्टल से सरल प्रक्रिया, गैर-ईडीआई शिपमेंट्स के लिए विस्तार। ग्रामीण निर्यातक भी अब आसानी से जुड़ सकेंगे।
ई-कॉमर्स ब्रांड प्रिया शर्मा ने कहा, ‘यह बड़े प्रतिस्पर्धियों के खिलाफ बराबरी का मौका देगा।’ डाक निर्यात में 25 प्रतिशत वृद्धि के आंकड़ों पर आधारित यह नीति अरबों का इजाफा करेगी।
उत्तर प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु के एमएसएमई हब प्रभावित होंगे। महिला उद्यमियों और स्टार्टअप्स को विशेष लाभ।
कार्यान्वयन के लिए डीजीएफटी वेबसाइट अपडेट जरूरी। चुनौतियां जैसे दस्तावेज देरी पर वेबिनार आयोजित होंगे।
यह नीति समावेशी निर्यात संस्कृति को बढ़ावा देगी, रोजगार सृजन और विदेशी मुद्रा प्रवाह सुनिश्चित करेगी। भारत का व्यापार इंजन तेज रफ्तार पकड़ेगा।