स्टार्टअप इंडिया अभियान ने देहरादून निवासी रजत जैन को उद्यमी बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी कंपनी ने दिल की जांच को किफायती बना दिया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं अब हर घर तक पहुंच रही हैं।
जैन ने महंगी मशीनों का विकल्प तलाशा। स्टार्टअप इंडिया के इंक्यूबेटर और ग्रांट्स से उन्होंने एआई आधारित डिवाइस तैयार की, जो हृदय रोगों का शुद्ध पता लगाता है। सेंसर लगाकर मोबाइल ऐप पर रिपोर्ट मिल जाती है।
कीमतें आश्चर्यजनक रूप से कम हैं—प्रति टेस्ट 500 रुपये से भी कम। उत्तर भारत के क्लिनिकों और गांवों में यह लोकप्रिय हो रहा है। सरकारी मान्यता मिलने के बाद पार्टनरशिप बढ़ीं और रोजगार के अवसर पैदा हुए।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह शहरी-ग्रामीण स्वास्थ्य अंतर को पाटेगा। जैन की टीम अब कंटीन्यूअस मॉनिटरिंग पर काम कर रही है। ‘नीतिगत समर्थन से इनोवेशन फलता-फूलता है’, उनका मानना है।
भारत में बढ़ते हार्ट अटैक के दौर में यह मॉडल लाखों जिंदगियां बचा सकता है। स्टार्टअप इंडिया की यह मिसाल अन्य उद्यमियों के लिए प्रेरणा बनेगी।