प्लंबागो जेलेनिका यानी चित्रक—आयुर्वेद का वह अग्नि तत्व जो पेट फूलने से ले जोड़ों की जकड़न तक सभी पर विजय पाता है। सुश्रुत संहिता से लेकर आज के लैब टेस्ट तक, इसकी महिमा गाई जा रही है।
पाचन अग्नि को ज्वालामुखी की तरह भड़काने वाले इसके गुण कब्ज, गैस और अल्सर जैसी परेशानियों को जड़ से उखाड़ फेंकते हैं। एंटीऑक्सीडेंट गुणों से लीवर भी स्वस्थ रहता है।
जोड़ों पर इसका जादू निराला है। वात-पित्त संतुलन कर यह गठिया रूमेटाइड अर्थराइटिस में दर्द निवारक का काम करता है। तिल तेल में मिलाकर मालिश से तुरंत राहत।
महिलाओं में अनीमिया, पुरुषों में शक्ति वृद्धि और बच्चों में भूख के लिए चमत्कारी। हिंग्वादि चूर्ण में प्रमुखता से शामिल। गर्भवती महिलाएं और पित्त प्रकृति वाले सावधान रहें।
प्रकृति प्रदत्त इस खजाने को अपनाकर हम आधुनिक जीवनशैली की बीमारियों से लड़ सकते हैं। चित्रक साबित करता है कि पुरानी विद्या ही भविष्य है।