वैश्विक व्यापार परिदृश्य में बड़ा उलटफेर संभव है, क्योंकि भारत और यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर अंतिम मुहर लगाने को तैयार हैं। गहन बातचीत के बाद इस महीने सौदा पक्का होने की संभावना है।
2022 से शुरू हुई प्रक्रिया ने तेजी पकड़ी है। वाइन, चीज और इलेक्ट्रिक वाहनों पर बाजार पहुंच सहित सतत व्यापार प्रथाओं पर समझौता हुआ है।
भारत की 7 प्रतिशत विकास दर वाली अर्थव्यवस्था को यूरोप के उन्नत बाजारों से मजबूती मिलेगी। यूरोपीय संघ चीन पर निर्भरता कम करने के लिए भारत को प्राथमिकता दे रहा है।
व्यापार संगठनों में उत्साह है। चमड़ा, रत्न और इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्यात बढ़ेगा, तो यूरोपीय मशीनरी और रसायन कंपनियां भारत के उत्पादन केंद्रों में निवेश करेंगी।
डेटा स्थानीयकरण और पर्यावरण मानदंडों पर विवाद सुलझे हैं। सफलता मिलने पर जीडीपी में योगदान बढ़ेगा और भू-राजनीतिक गठबंधन मजबूत होंगे। यह समझौता खुले बाजारों की ताकत को रेखांकित करेगा।