क्षेत्रीय वाइब्रेंट समिट के दौरान एएआई का स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहा, जहां इंद्र मोहन के नेतृत्व में लोगों ने हवाई क्षेत्र की कार्यप्रणाली को जाना।
इंटरैक्टिव टचस्क्रीन और वर्चुअल टूर्स से बैगेज सॉर्टिंग, कस्टम्स चेक और फ्लाइट शेड्यूलिंग की प्रक्रिया समझाई गई। मौसम विशेषज्ञों, इंजीनियरों और ग्राउंड स्टाफ की भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
ड्रोन एकीकरण और इको-फ्रेंडली ईंधन पर फोकस ने पर्यावरण संबंधी मिथकों को तोड़ा। परिवार, छात्र और व्यवसायी सभी गहरी रुचि लेते नजर आए।
एएआई की यह पहल करियर अवसरों को प्रेरित करने वाली साबित हुई। 200 से अधिक एयरपोर्ट्स के आधुनिकीकरण के लक्ष्य के साथ भविष्य की घटनाओं में इसे दोहराने की योजना है।
समिट ने साबित किया कि पारदर्शिता से जन समर्थन हासिल किया जा सकता है। भारत का एविएशन क्षेत्र अब वैश्विक पटल पर मजबूती से उभर रहा है।