मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सरकार ने टीबी उन्मूलन के लिए बड़ा कदम उठाया है। फरवरी से 100 दिवसीय विशेष सघन अभियान चलेगा, जिसमें टीबी रोगियों की ब्यौरा एकत्र कर उनका इलाज किया जाएगा। यह प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2025 टीबी मुक्त भारत अभियान से प्रेरित है।
पूरे राज्य में 1.5 लाख से अधिक टीमें लगेंगी। ड्रोन से हवाई सर्वे, एआई ऐप्स से ट्रैकिंग और पोर्टेबल डायग्नोस्टिक किट्स से काम तेज होगा। हाई रिस्क ग्रुप्स जैसे मधुमेह रोगी, प्रवासी मजदूर और जेल बंदियों पर विशेष फोकस रहेगा।
‘टीबी कोई अभिशाप नहीं, इलाज योग्य बीमारी है,’ कहते हुए अधिकारियों ने बताया कि अभियान में पांच करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य है। निकषय पोर्टल पर डेटा अपलोड होगा और दैनिक प्रगति की समीक्षा होगी।
आयुष्मान भारत से जोड़कर मुफ्त दवाएं, पोषण किट और काउंसलिंग दी जाएगी। स्टिग्मा दूर करने के लिए सामुदायिक कार्यक्रम चलेंगे।
पिछले अभियानों की सफलता को देखते हुए उम्मीदें कायम हैं। जिलाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जनता से अपील है—दो हफ्ते से अधिक खांसी हो तो जांच कराएं। योगी सरकार के इस मिशन से उत्तर प्रदेश टीबी से मुक्त होगा।