भोपाल के ‘मिनी ब्राजील’ में हलचल मच गई है। कंबोडियाई कोच पोमेरॉय के आगमन से फुटबॉल प्रेमी गदगद हैं। वे स्थानीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग देकर उन्हें तैयार करेंगे।
इस क्षेत्र की फुटबॉल संस्कृति को देखते हुए पोमेरॉय ने भोपाल चुना। उनके अनुभव से एशियाई टूर्नामेंटों में सफलता मिली है। कैंप में सेट-पीस, काउंटर-अटैक और डिफेंस पर विशेष ध्यान। कोच ने खिलाड़ियों की क्षमताओं का मूल्यांकन किया।
पोषण, रिकवरी और मनोबल मजबूत करने पर भी बल। ‘मैदान से बाहर भी चैंपियन बनो,’ उनका संदेश। राज्य स्तर पर एकेडमियां इन तकनीकों को अपनाएंगी।
समुदाय का समर्थन जबरदस्त है। यह साझेदारी मध्यप्रदेश को फुटबॉल में आगे ले जाएगी। पोमेरॉय का सप्ताह भर का प्रवास यादगार बनेगा।