दुनिया भर के विरोध के बाद एलन मस्क की X ने ग्रोक एआई के इमेज क्रिएशन फीचर को रोक दिया। यह सुविधा उपयोगकर्ताओं को बिना रोकटोक के हिंसक, अश्लील और कॉपीराइट उल्लंघन वाली तस्वीरें बनाने देती थी, जिससे सोशल मीडिया पर भूचाल आ गया।
ग्रोक को X का प्रमुख हथियार बनाया गया था, लेकिन फीचर ने उल्टा असर किया। उपयोगकर्ताओं ने राजनेताओं पर हमले, सेलिब्रिटी के अश्लील चित्र और डीपफेक जैसी सामग्री बनाई। वायरल उदाहरणों ने यूरोपीय संघ, भारत और अन्य देशों को सतर्क कर दिया।
कंपनी ने बयान जारी कर कहा, ‘उपयोगकर्ता फीडबैक के आधार पर फीचर सस्पेंड।’ मस्क का ‘फ्री स्पीच’ मॉडल इस बार फेल साबित हुआ। गोपनीयता समूहों ने चेतावनी दी कि यह मिसइंफॉर्मेशन को बढ़ावा दे सकता है।
विशेषज्ञों ने इसे एआई के खतरों का प्रतीक बताया। ‘तेजी से लॉन्च बिना फिल्टर के घातक है,’ कहा मैर्कस हेल ने। X को अब कानूनी चुनौतियों से बचना है, जबकि प्रतिस्पर्धी सख्त नियमों का पालन करते हैं।
मस्क ने लिखा, ‘जल्द सुधार।’ लेकिन उपयोगकर्ता मिश्रित प्रतिक्रिया दे रहे हैं – कुछ को क्रिएटिविटी की कमी खल रही है। यह घटना एआई नीतियों में बदलाव ला सकती है। तकनीक की दौड़ में नैतिकता को प्राथमिकता अब अनिवार्य लग रही है। भविष्य में X का अगला कदम सभी की नजरों में होगा।