भारतीय रियल एस्टेट बाजार में संस्थागत निवेश ने रफ्तार पकड़ ली है। 19 प्रतिशत बढ़त के साथ यह 8 अरब डॉलर के पार पहुंच गया, जो क्षेत्र की मजबूती दिखाता है।
प्रमुख शहरों में ऑफिस और वेयरहाउसिंग में भारी पूंजी लगाई गई। बेंगलुरु ने 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हासिल किया। पुणे और हैदराबाद भी पीछे नहीं हैं।
रीइट्स और इनविट्स ने निवेश को आसान बनाया। सरकारी योजनाओं ने बुनियादी ढांचे को मजबूत किया। नियामक सुगमता ने गति प्रदान की।
कोविड के बाद हाइब्रिड वर्क और ई-कॉमर्स ने मांग बढ़ाई। अगले वर्ष और वृद्धि की उम्मीद है। यह विकास शहरीकरण को नई दिशा देगा।