बांग्लादेशी क्रिकेटरों का गुस्सा फूट पड़ा है। बीसीबी अधिकारी की असंवेदनशील टिप्पणी के बाद खिलाड़ी टी20 विश्व कप से किनारा करने की चेतावनी दे रहे हैं। यह विवाद लंबे समय से चली आ रही असंतोष की पराकाष्ठा है।
चयन प्रक्रिया में मनमानी, वित्तीय अनियमितताएं और खिलाड़ियों की उपेक्षा ने आग लगाई। अधिकारी ने बैठक में खिलाड़ियों की बातों को ‘तुच्छ’ बताकर भड़काया। अब दिग्गज बल्लेबाज से लेकर गेंदबाज तक एकजुट हैं।
विश्व कप के लिए ग्रुप मुश्किल है, जहां भारत-अustralia जैसे दिग्गज हैं। बहिष्कार से बांग्लादेश की उम्मीदें चूर-चूर हो सकती हैं। पूर्व कप्तानों ने बोर्ड की आलोचना की है।
प्रशंसक आंदोलन शुरू हो चुका है। टिकट बिक्री शुरू होने पर भी विवाद ने माहौल खराब कर दिया। बोर्ड मध्यस्थों के जरिए बातचीत कर रहा है, लेकिन खिलाड़ी माफी और सुधार चाहते हैं।
बांग्लादेश क्रिकेट का भविष्य दांव पर है। यदि जल्द समाधान न हुआ तो यह ऐतिहासिक भूल साबित होगी। क्या प्रशासन जिम्मेदारी लेगा या खिलाड़ी अपनी बात मनवाएंगे?