लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज साफ कर दिया कि वित्त वर्ष 2024-25 का केंद्रीय बजट 1 फरवरी को ही पेश होगा। इस घोषणा से बजट सत्र की रूपरेखा स्पष्ट हो गई है।
संसद परिसर में मीडिया से रूबरू होते हुए बिरला ने कहा, ‘स्थापित परंपरा के अनुसार बजट 1 फरवरी को ही आएगा।’ संभावित बदलावों की अफवाहों पर पूर्ण विराम लगा दिया।
भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक चुनौतियों से जूझ रही है, जिसमें व्यापार तनाव और घरेलू मांग शामिल हैं। बजट से एमएसएमई, हरित ऊर्जा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रोत्साहन की अपेक्षा है।
रेलवे बजट विलय के बाद फरवरी 1 की तिथि प्रभावी साबित हुई है। सीतारमण का सातवां बजट भाषण ऐतिहासिक होगा।
उद्योगपतियों से लेकर किसानों तक सबकी नजरें सब्सिडी, निर्यात प्रोत्साहन और रक्षा बजट पर हैं। बाजारों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
बिरला का बयान संसदीय अनुशासन को रेखांकित करता है। बजट पूर्व परामर्श तेज हो गए हैं, जो समावेशी विकास की दिशा में कदम साबित हो सकते हैं।