केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गुजरात को देश के विकसित भारत 2047 अभियान का टर्बोचार्जर घोषित किया। उद्योग प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने गुजरात के नेतृत्व में भारत को विकसित अर्थव्यवस्था बनाने का जीवंत चित्रण किया।
राज्य की बेजोड़ विकास गाथा इसे अलग पहचान देती है। एशिया के सबसे बड़े शिप-ब्रेकिंग यार्ड, अनेक विशेष आर्थिक क्षेत्रों और तेजी से उभरते फिनटेक पारिस्थितिकी तंत्र के साथ गुजरात ‘मेक इन इंडिया’ का प्रतीक है। गोयल ने वाइब्रैंट गुजरात समिट को वैश्विक मंच के रूप में विकसित होने का उल्लेख किया।
डायमंड प्रोसेसिंग (वैश्विक आपूर्ति का 90%), फार्मास्यूटिकल उत्पादन और टेक्सटाइल निर्यात में गुजरात का प्रभुत्व प्रमुख रहा। गोयल ने महत्वाकांक्षी लक्ष्यों का खुलासा किया: विनिर्माण जीडीपी योगदान को 25% तक दोगुना करना और गुजरात को भारत का सेमीकंडक्टर हब बनाना।
‘निवेश वहां बहता है जहां आसानी और अवसर का संगम हो, गुजरात दोनों प्रदान करता है,’ गोयल ने कहा। उन्होंने पीएम गति शक्ति पहल के प्रभाव को रेखांकित किया, जिसने लॉजिस्टिक्स लागत 20% घटाई। हाइपरलूप प्रोजेक्ट और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाएंगे।
फॉर्च्यून 500 के सीईओ शामिल हुए, जिन्होंने ईवी, डेटा सेंटर और स्पेस टेक में निवेश का संकल्प लिया। गोयल ने प्रतिवर्ष 10 लाख युवाओं को कौशल प्रदान करने वाले कार्यक्रमों पर बल दिया।
गुजरात कार्बन न्यूट्रल इंडस्ट्रियल पार्क और ब्लू इकोनॉमी विस्तार की ओर अग्रसर है। गोयल ने पीएलआई योजनाओं से गुजरात के प्रमुख लाभ को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से जोड़ा। साझेदारियां मजबूत होने के साथ गुजरात भारत के आर्थिक आकांक्षाओं को वास्तविकता में बदलने वाला उत्प्रेरक बनकर उभर रहा है।