बॉबस्ले वह खेल है जो बर्फ पर रेसिंग कारों जैसा रोमांच पैदा करता है। ‘आइस फॉर्मूला 1’ के नाम से मशहूर यह स्पोर्ट एथलीटों को 160 किमी/घंटा की रफ्तार देता है, जहां हर सेकंड निर्णायक होता है।
1881 में स्विट्जरलैंड में इसकी शुरुआत हुई। अब दो, चार सदस्यीय और मोनोबॉब इवेंट्स होते हैं। स्लेड का वजन 630 किलो तक होता है। पायलट रस्सियों से नियंत्रण करता है, पुशर 50 किमी/घंटा की शुरुआती स्पीड देते हैं।
ट्रैक जैसे व्हिसलर या लейк प्लेसिड इंजीनियरिंग के चमत्कार हैं। कर्व्स पर 40 डिग्री झुकाव और भारी गिरावट। प्रशिक्षण में जिम, सिमुलेटर और समर ट्रैक शामिल। जर्मनी का दबदबा है, लेकिन जमैका जैसी टीमें प्रेरणा देती हैं।
ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप में नई तकनीकें जैसे एडजस्टेबल रनर आ रही हैं। सुरक्षा के लिए पैडेड दीवारें। यह खेल युवाओं को आकर्षित कर रहा है। बॉबस्ले साबित करता है कि बर्फ पर भी सपनों की उड़ान भरी जा सकती है।