भारत के वाणिज्य मंत्रालय से शानदार अपडेट। पीयूष गोयल ने बताया कि यूरोपीय संघ के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की बातचीत निर्णायक मोड़ पर है। उद्योग कार्यक्रम में गोयल ने कहा कि माल पर टैरिफ, सेवाओं का उदारीकरण और बौद्धिक संपदा अधिकार जैसे मुद्दों पर सहमति बन चुकी है।
यह सफलता दशकों पुरानी कोशिशों का नतीजा है। ईयू भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जो नई संभावनाएं खोलेगा। अमेरिका के साथ चल रही चर्चाओं में रक्षा विनिर्माण, सेमीकंडक्टर और स्वच्छ ऊर्जा पर फोकस है।
सौदे से द्विपक्षीय व्यापार 200 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। अमेरिका के साथ वस्त्र, रत्न और चमड़ा पर शुल्क घटाने की कोशिश है। भारत की मजबूत स्थिति ने बातचीत को बल दिया है।
गोयल ने श्रम सुधारों और पर्यावरण मानकों का जिक्र किया। उद्योग जगत उत्साहित है। ‘यह निर्यात और विदेशी निवेश को बढ़ावा देगा।’ डब्ल्यूटीओ बैठकें नजदीक हैं, तेजी जरूरी है।
ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे अन्य समझौतों का भी संकेत। व्यापार के जरिए आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो रहा। उद्यमी अब यूरोप-अमेरिका के बाजारों के लिए तैयार हो जाएं।