क्रिकेटर हर्षित राणा ने खुलासा किया कि बल्लेबाजी पर उनका फोकस गौतम गंभीर की बजाय पिता की खास सलाह का नतीजा है। दिल्ली के इस युवा तेजतर्रार गेंदबाज ने बताया कि पिता ने उन्हें ऑलराउंडर बनाने के लिए क्या-क्या जतन किए।
एक इंटरव्यू में राणा बोले, ‘पापा ने मुझे सिखाया कि सिर्फ गेंदबाजी से काम नहीं चलेगा। बल्ले से रन बनाओ तो टीम में जगह पक्की।’ उनके पिता ने बचपन से ही सख्त रूटीन अपनाया – गेंदबाजी के बाद बल्लेबाजी की लंबी प्रैक्टिस।
यह खास वजह रही कि राणा ने अपनी बल्लेबाजी को नजरअंदाज नहीं किया। ‘पिता जी कहते थे, आधुनिक क्रिकेट में लोअर ऑर्डर से टॉप रन जरूरी हैं।’ नतीजा यह हुआ कि राणा अब घरेलू क्रिकेट में बल्ले से भी असरदार दिख रहे हैं।
गौतम गंभीर का रोल भी अहम है, लेकिन राणा ने साफ किया, ‘सर ने मेरे दिमाग और गेंदबाजी को तेज किया, बल्लेबाजी पिता की देन है।’ यह बयान युवा खिलाड़ियों के विकास की जटिलताओं को उजागर करता है।
रणजी ट्रॉफी और उसके आगे के सफर में राणा साबित करेंगे कि पारिवारिक मार्गदर्शन कितना शक्तिशाली होता है। उनकी कहानी प्रेरणा बनेगी।