प्रकृति का वरदान नीम, जिसके पत्तों का रस कड़वापन छिपाए गुणों की खान है। प्राचीन काल से इसका उपयोग रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में होता आया है। सुबह खाली पेट ताजा रस पीने से detox प्रक्रिया तेज होती है।
इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में वायरल बुखार, सर्दी-खांसी से बचाव करता है। डायबिटीज में इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाता है। हृदय रोगों में कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखता है। जोड़ों के दर्द और गठिया में सूजन कम करता है।
त्वचा चमकदार बनाता है, दाग-धब्बे मिटाता है। पेट के रोग जैसे अल्सर, गैस और अपच दूर भगाता है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से लड़ने में सहायक। बालों और आंखों के लिए भी फायदेमंद।
खतरे से बचें: ज्यादा मात्रा में किडनी या पेट खराब कर सकता है। गर्भावस्था में वर्जित। थायरॉइड या ब्लड थिनर दवाओं के साथ न लें। सप्ताह में 3-4 बार सीमित रखें। नींबू या गुड़ मिलाकर पिएं।
नीम जूस सही तरीके से अपनाएं तो दीर्घायु का राज बनेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह अनिवार्य।