कमोडिटी बाजार में चांदी का जलवा देखने को मिल सकता है। मोतीलाल ओसवाल ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट में भविष्यवाणी की है कि 2026 तक एमसीएक्स पर चांदी के भाव 3.2 लाख रुपये प्रति किलो तक उछल सकते हैं। यह अनुमान औद्योगिक मांग के भारी उछाल और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं पर आधारित है।
नवीकरणीय ऊर्जा चांदी की मांग का प्रमुख इंजन बनेगी। सोलर पीवी में सालाना 200 मिलियन औंस की जरूरत पड़ेगी। 5जी, ईवी और मेडिकल उपकरणों की बढ़ती खपत घाटे को 215 मिलियन औंस तक ले जाएगी। ‘आपूर्ति मांग के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रही,’ रिपोर्ट चेतावनी देती है।
भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है। दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता होने के नाते, त्योहारी मांग और आभूषण निर्माण आयात बढ़ाएगा। एमसीएक्स भाव वैश्विक कोमेक्स को फॉलो करेंगे, रुपए की कमजोरी अतिरिक्त बूस्ट देगी। लंबी पोजीशन लेने की सलाह दी गई है।
तकनीकी ब्रेकआउट 90,000 के ऊपर तेजी की पुष्टि करते हैं। केंद्रीय बैंक, मुद्रास्फीति भय और चीन की प्रोत्साहन योजनाएं भावनाओं को मजबूत कर रही हैं। ‘3.2 लाख रूढ़िवादी अनुमान है, और ऊपर जाने की गुंजाइश है,’ एक वरिष्ठ विश्लेषक ने कहा।
निवेश पोर्टफोलियो के लिए यह चांदी का सुनहरा दौर हो सकता है। एमसीएक्स के जरिए औद्योगिक और सुरक्षित निवेश का दोहरा लाभ मिलेगा। 2026 चांदी के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है।