वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक नेतृत्व को अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकाया। विदेशी राजनयिकों ने उनकी नीतियों को सराहते हुए भारत को वैश्विक शक्ति के रूप में स्वीकार किया। गुजरात का यह मंच व्यापारिक साझेदारियों का केंद्र बना।
राजदूतों ने मोदी जी की जी-20 सफलता, द्विपक्षीय संबंधों और आर्थिक पहलों की प्रशंसा की। सत्रों में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश, हरित विकास और डिजिटल रूपांतरण पर गहन बातचीत हुई। गुजरात के उद्योगों ने वैश्विक साझीदारों को आकर्षित किया।
मुख्यमंत्री के संबोधन में विकसित भारत 2047 का खाका रखा गया। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग पर जोर दिया। राज्य के बंदरगाह, हवाई अड्डे और सौर ऊर्जा परियोजनाओं ने प्रभाव छोड़ा।
निवेश समझौतों और MoU पर हस्ताक्षर के साथ कॉन्फ्रेंस समाप्त हुई। यह घटना भारत की बढ़ती कद्र को दर्शाती है, जहां मोदी जी का विजन सभी को प्रेरित कर रहा है। भविष्य उज्ज्वल सहयोग का वादा करता है।