वाइब्रेंट गुजरात समिट 2024 ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह भारत का सबसे बड़ा निवेश मेला है। गोयनका परिवार और अंबानी के धमाकेदार ऐलानों ने राज्य के विकास को नई उड़ान दी है। गांधीनगर में हुए इस मेगा इवेंट से ₹3.5 लाख करोड़ के प्रस्ताव मिले।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को सलाम करते हुए सीएम पटेल ने कहा कि गुजरात ‘विकसित भारत’ का इंजन बनेगा। सिंगल विंडो क्लियरेंस, सस्ती बिजली और 24×7 पॉलिसी सपोर्ट ने निवेशकों को लुभाया।
आरपीएसजी ग्रुप ने ₹20,000 करोड़ का प्लान पेश किया। जमीनगर में सोलर गिगाफैक्ट्री, पोरबंदर में विंड फार्म और कृषि प्रोसेसिंग यूनिट्स शामिल हैं। इससे किसानों की आय दोगुनी होगी और हरित ऊर्जा में गुजरात अग्रणी बनेगा।
रिलायंस ने ₹1.5 लाख करोड़ निवेश का खुलासा किया। अहमदाबाद में डेटा सेंटर्स, सूरत में चिप प्लांट और वडोदरा में एआई पार्क प्रमुख हैं। एनवीडिया, टीएसएमसी के साथ पार्टनरशिप से सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरता आएगी।
अन्य बड़ी घोषणाएं: अदानी का लॉजिस्टिक्स पर ₹60,000 करोड़, टाटा का ईवी पर ₹25,000 करोड़। कोरियाई और जापानी कंपनियां भी कतार में हैं। इनसे 20 लाख नौकरियां पैदा होंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि गुजरात का जीएसडीपी अब 12-15 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ेगा। कौशल विकास, महिला उद्यमिता और पर्यावरण संरक्षण पर फोकस है। समिट ने पर्यटन, ब्लू इकोनॉमी जैसे नए क्षेत्र खोले। वाइब्रेंट गुजरात की सफलता से साफ है- गुजरात भारत की आर्थिक राजधानी बनने की राह पर है।