बाजार की महंगी दवाओं की जगह लौंग को अपनाएं, जो दांतों से लेकर सिर तक के दर्द का रामबाण इलाज है। इस मसाले का जादू यूजेनॉल में है, जो प्राकृतिक संज्ञाहारी की तरह काम करता है।
रात के समय दांत दर्द सता रहा हो तो लौंग पीसकर लगाएं, आराम मिलेगा। चीनी और भारतीय चिकित्सा पद्धतियों में इसका विशेष महत्व है। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि लौंग का तेल बेंजोकेन जैसी दवाओं से टक्कर लेता है।
माइग्रेन के हमलों में लौंग की भाप लें या दूध में उबालकर पिएं। यह नसों को आराम देती और सूजन घटाती है। विटामिन सी और मैंगनीज से भरपूर लौंग रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करती है।
घरेलू नुस्खे: लौंग को इलायची संग दूध में पकाएं, रात को सोने से पहले लें। बच्चों के दांत निकलने पर पतला घोल दें। अधिक मात्रा से पेट खराब हो सकता है इसलिए संयम रखें।
एंटीबायोटिक प्रतिरोध बढ़ने के दौर में लौंग का जीवाणुरोधी गुण वरदान है। इसे जीवनशैली में शामिल कर प्राकृतिक रूप से स्वस्थ रहें।