डालाल स्ट्रीट अगले हफ्ते कई मोर्चों पर सतर्क रहेगा, खासकर अमेरिकी टैरिफों की आशंकाओं के चलते। ट्रंप प्रशासन के संभावित व्यापार प्रतिबंध भारतीय निर्यात को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में बाजार की दिशा कई कारकों से प्रभावित होगी।
आरबीआई पॉलिसी सबसे बड़ा इवेंट है। विकास दर सुस्त पड़ने के बावजूद महंगाई बाधा बनी हुई है। गवर्नर दास का मार्गदर्शन भविष्य की नीतियों का संकेत देगा।
क्यू2 रिजल्ट्स में आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस और मारुति जैसे नाम प्रमुख हैं। उपभोक्ता खर्च कमजोर होने से राजस्व प्रभावित हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय पटल पर अमेरिकी नौकरी डेटा और फेड कमेंट्री बाजार हिला सकते हैं। मध्य पूर्व तनाव से तेल कीमतें अस्थिर हैं।
एफपीआई ने इस महीने अच्छा निवेश किया है, जबकि डीआईआई लगातार खरीदार बने हुए हैं। जीएसटी संग्रह रिकॉर्ड स्तर पर है।
चार्ट पर निफ्टी 24,000-24,600 के दायरे में है। ओवरसोल्ड संकेत उछाल की गुंजाइश दिखाते हैं।
सुरक्षात्मक क्षेत्र जैसे हेल्थकेयर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। टैरिफ खबरें तुरंत प्रतिक्रिया देंगी।
बाजार विशेषज्ञ गुणवत्ता वाले शेयरों पर फोकस की सलाह दे रहे हैं। मजबूत फंडामेंटल्स के बीच सतर्कता जरूरी है।