शतरंज प्रेमियों के लिए खुशी की खबर! हरिका द्रोणावल्ली ने ग्रैंडमास्टर बनकर भारत का मान बढ़ाया है। वे कॉनेरू हम्पी के बाद देश की दूसरी महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने यह सम्मानजनक उपाधि प्राप्त की।
विजयवाड़ा की इस 17 वर्षीय सनसनी ने कड़ी मेहनत से ईएलओ रेटिंग 2500 पार की और तीन महत्वपूर्ण नॉर्म जीते। हालिया टूर्नामेंट में उनके आक्रामक खेल ने विरोधियों को मात दी।
हरिका की शैली में आधुनिक रणनीतियां और मजबूत अंतिम चालें शामिल हैं। यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत विजय है बल्कि भारतीय महिला शतरंज के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
सरकारी योजनाओं और प्रशिक्षण शिविरों का श्रेय हरिका ने दिया। अब वे अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत का प्रतिनिधित्व करने को तैयार हैं। शतरंज का जादू देशभर में फैल रहा है।