‘संडे ऑन साइकिल’ के उत्साहपूर्ण आयोजन में केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने साइकिल चलाने को नेतृत्व प्रशिक्षण का सर्वोत्तम माध्यम बताया। दिल्ली की सड़कों पर सवार होकर उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित किया कि यह खेल मानसिक मजबूती और रणनीतिक सोच विकसित करता है।
हर रविवार को होने वाला यह कार्यक्रम फिटनेस उत्साहीयों का पसंदीदा बन चुका है। मांडविया ने साइकिल की सवारी को शासन की बारीकियों से तुलना करते हुए कहा कि हर मोड़ पर निर्णय लेना लीडर के लक्षण हैं। उन्होंने अपनी दिनचर्या में साइकिलिंग की भूमिका पर प्रकाश डाला, जो उन्हें ऊर्जावान बनाए रखती है।
प्रदूषण कम करने और बीमारियों से लड़ने में साइकिलिंग के योगदान पर जोर देते हुए मंत्री ने स्कूलों-कार्यालयों में इसे शामिल करने का सुझाव दिया। सवारी के दौरान चली चर्चाओं ने स्वास्थ्य नीतियों से लेकर व्यक्तिगत सफलताओं तक के किस्से साझा किए।
समापन पर मांडविया ने कहा कि साइकिल पर सवार होकर जीवन की कमान संभालें। यह कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य क्रांति ला रहा है, बल्कि भावी नेताओं को तैयार भी कर रहा है। प्रतिभागियों का उत्साह इसकी सफलता का प्रमाण है।