पाकिस्तान को व्यापार में गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। सबसे किफायती और आसान जमीनी व्यापार पथ अब बंद है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह प्रभावित हो गई है।
लॉरी चेकपोस्ट पर जाम हैं, फ्रेट शुल्क 35 प्रतिशत ऊपर चढ़ गए हैं और इन्वेंटरी जमा हो रही है। मुल्तान के एक आयातक ने कहा, ‘हम रुक रहे हैं, प्रतिस्पर्धी आगे निकल रहे हैं।’
क्षेत्रीय तनाव के कारण यह मार्ग अवरुद्ध हुआ है। अन्य देशों के रास्ते महंगे शुल्क, सुरक्षा जोखिम और लॉजिस्टिक असंगति लाते हैं। समुद्री माल ढुलाई समय-संवेदनशील सामान के लिए महंगी पड़ रही है।
विशेषज्ञ जीडीपी पर नकारात्मक असर की चेतावनी दे रहे हैं। रेल लिंक तेज करने और समझौतों की योजना है, लेकिन प्रगति धीमी है। वस्त्र और कृषि क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित।
यह केवल लॉजिस्टिक समस्या नहीं, बल्कि मजबूती की परीक्षा है। बहु-मोडल नेटवर्क में निवेश जरूरी है। क्या पाकिस्तान इस संकट को अवसर में बदल पाएगा?