शेयर बाजार में हलचल तेज हो गई है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का आगामी आईपीओ अब अंतिम चरण में है। सेबी इस महीने नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) जारी करने की तैयारी में है, जिससे देश का सबसे बड़ा एक्सचेंज शेयर बाजार में उतर सकेगा।
आठ साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद यह खुशखबरी है। 2016 के डीआरएचपी के बाद को-लोकेशन कंट्रोवर्सी और अन्य जांचों ने देरी की। एनएसई ने सभी नियामकीय शर्तें पूरी कर ली हैं। अब रास्ता साफ है।
एनएसई का दबदबा बरकरार है—हर महीने अरबों ऑर्डर प्रोसेस करता है। आय के स्रोत मजबूत हैं: ट्रांजेक्शन फीस, डेटा सर्विसेज, इंडेक्स लाइसेंसिंग। पिछले वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया गया। आईपीओ से प्रमोटर्स को लिक्विडिटी मिलेगी।
बाजार जानकारों का कहना है कि एनएसई का मूल्यांकन 1.5 लाख करोड़ रुपये से ऊपर हो सकता है। रिटेल, एचएनआई और संस्थागत निवेशक सभी लाइन में हैं। लिस्टिंग गेन की उम्मीदें आसमान छू रही हैं।
प्रस्ताव की संरचना पर काम चल रहा है। अंडरराइटर्स एंकर निवेशकों से बातचीत कर रहे हैं। सेबी की मंजूरी के बाद प्राइस बैंड, रोडशो और सब्सक्रिप्शन का दौर शुरू होगा। तेजड़ियों का बाजार होने से आईपीओ सुपरहिट हो सकता है।
एनएसई न केवल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है, बल्कि फिनटेक का चमकता सितारा है। लिस्टिंग से टेक्नोलॉजी उन्नयन और वैश्विक विस्तार को बल मिलेगा। इस ऐतिहासिक पल का इंतजार समूचा बाजार कर रहा है। सेबी का फैसला तय करेगा कि आईपीओ कब खुलेगा।