सोने-चांदी के दामों ने इस हफ्ते निवेशकों को चौंका दिया। सोने में 2,300 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई, वहीं चांदी प्रति किलो 2.42 लाख रुपये को पार कर गई। वैश्विक बाजारों की अस्थिरता और घरेलू त्योहारों की रौनक ने धातुओं को चमकाया है। एमसीएक्स पर फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स ने नई ऊंचाइयां गढ़ीं।
इस तेजी के पीछे कई कारण हैं- मुद्रास्फीति का दबाव, सेंट्रल बैंक की खरीदारी और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में चांदी की बढ़ती जरूरत। दिल्ली के सर्राफा विशेषज्ञों का कहना है कि यह रुझान लंबा चल सकता है। आयात शुल्क और मेकिंग चार्ज से उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ा है, लेकिन खरीदारी का सिलसिला थमा नहीं।
भारतीय परिवार दिवाली-धनतेरस की तैयारियों में जुटे हैं, जिससे रिटेल डिमांड चरम पर है। सप्लाई चेन में रुकावटें आने से कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। अगले सप्ताह अमेरिकी आर्थिक आंकड़े नजर रखने लायक होंगे।
कुल मिलाकर, सोना-चांदी संपत्ति संरक्षण का मजबूत माध्यम बने हुए हैं। निवेशक सलाहकार सुझाव देते हैं कि विविधीकरण जरूरी है।