ओपिओइड विदड्रॉल का कष्ट अब इतना लंबा नहीं रहेगा। नए शोध योग की अद्भुत क्षमता उजागर करते हैं जो रिकवरी को चार गुना तेज कर देता है और तनाव को जड़ से उखाड़ फेंकता है। डिटॉक्स के दौरान योग करने वाले मरीज रिकॉर्ड समय में स्वस्थ हो जाते हैं।
नशीली दवाओं का संकट रोज जान ले रहा है। मतली, पसीना और अवसाद जैसे लक्षण लाखों को वापस नशे की ओर धकेलते हैं। मानक प्रक्रियाएं मदद करती हैं, लेकिन अपूर्ण। योग शरीर-मन दोनों को एक साथ निशाना बनाता है।
क्लिनिकल ट्रायल्स में योग समूहों ने कमाल दिखाया। लक्षण चार गुना तेजी से कम हुए। सांस की कसरतें दिल की धड़कन शांत करती हैं, मुद्राएं दर्द दूर भगाती हैं, ध्यान चिंता मिटाता है। तनाव हार्मोन घटे, खुशी के एंडोर्फिन बढ़े।
विज्ञान कहता है: योग वेगस तंत्रिका को सक्रिय कर सूजन घटाता और मन को नियंत्रित करता है। ‘यह तंत्रिका तंत्र का रीसेट बटन है,’ बताते हैं न्यूरोसाइंटिस्ट डॉ. राज पटेल। केंद्रों में योग से रुकने की दर बढ़ी, रिलैप्स घटी।
मरिया कहती हैं, ‘तीन सत्रों बाद कंपकंपी रुक गई। योग ने हमेशा के लिए ना कहने की ताकत दी।’ ऐप्स और ऑनलाइन क्लासेस से योग हर किसी के लिए सुलभ। ओपिओइड युद्ध में योग सबसे बड़ा योद्धा है।