सुबह की सर्जरी भूल जाइए—दोपहर में हार्ट ऑपरेशन के परिणाम कहीं बेहतर हैं। नवीनतम शोध में पाया गया कि दोपहर के स्लॉट में सर्जरी से जटिलताएं 18% तक घटी हैं और रिकवरी तेज होती है।
पांच साल के डेटा से 35,000 केसेज का विश्लेषण किया गया। बायपास मरीजों में दोपहर की सर्जरी से आईसीयू स्टे 12% कम रहा। मॉर्निंग सर्जरी में मृत्यु दर और रीडमिशन ज्यादा देखे गए।
कारण? सर्कैडियन साइंस। सर्जन दोपहर में अलर्ट और सटीक होते हैं। मरीजों का हार्मोनल बैलेंस भी बेहतर होता है, जिससे ब्लीडिंग या अरिदमिया का खतरा कम।
डॉ. राज पटेल, सह-लेखक बोले, ‘सुबह की सर्जरी जोखिम भरी साबित हुई।’ अमेरिका के कुछ अस्पताल दोपहर-केंद्रित शेड्यूल आजमा रहे हैं।
यह ऑब्जर्वेशनल स्टडी है, लेकिन आंकड़े मजबूत हैं। आगे रैंडमाइज्ड ट्रायल्स जरूरी।
यह अध्ययन हार्ट केयर को बायोलॉजिकल टाइमिंग से जोड़ता है, जो मरीजों के लिए वरदान साबित हो सकता है। समय चुनें सही, जिंदगी बचाएं सही।