टेनिस कोर्ट पर भारत का परचम लहराने वाली अंकिता रैना एक ऐसी शख्सियत हैं, जिन्होंने नामुमकिन को नामुमकिन लगाना भुला दिया। देश की शीर्ष महिला रैंकिंग वाली यह खिलाड़ी चारों ग्रैंड स्लैम में उतरने वाली इकलौती भारतीय हैं।
मुंबई से ताल्लुक रखने वाली अंकिता ने कठिनाइयों से जूझते हुए सफर शुरू किया। चाइनीज ताइपे में डब्ल्यूटीए खिताब और नानजिंग की जीत ने उन्हें स्टार बना दिया। सिंगल्स में करियर हाई रैंक 188 रही।
विंबलडन की घास से रोलां गैरॉस की मिट्टी तक, हर चुनौती स्वीकारी। डबल्स में एशियाड मेडल और फेड कप पॉइंट्स जोड़े। 15 से ज्यादा आईटीएफ टाइटल उनके संघर्ष की गवाही देते हैं।
चोटों के बावजूद अकादमी चलाकर नई पीढ़ी को तैयार कर रही हैं। ओलंपिक क्वालीफिकेशन का लक्ष्य सामने है। अंकिता रैना भारतीय टेनिस की धरोहर हैं, जो लाखों लड़कियों को प्रेरित करती रहेंगी।