विमानन सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एएआईबी ने बड़ा सुझाव दिया है। सभी इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स के एटीसी टावरों पर वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू करने की बात कही गई है। इससे हवाई हादसों की जांच में नई क्रांति आएगी।
ऑडियो के साथ वीडियो से पूर्ण चित्र मिलेगा। कंट्रोल रूम की हर गतिविधि, रडार स्क्रीन और बाहरी दृश्य कैद होंगे। हाल के हादसों की जांचों से यह कमी उजागर हुई थी।
एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) लागत और तकनीकी पहलुओं पर विचार कर रही है। बड़े हब्स पर पायलट प्रोजेक्ट चल सकता है। पायलट यूनियनों ने समर्थन जताया है।
वैश्विक स्तर पर भी इसी तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। भारत में 2025 तक पूर्ण कार्यान्वयन का लक्ष्य है। यह यात्रियों और विमानन कर्मियों के लिए वरदान साबित होगा।
एएआईबी की यह पहल विमानन क्षेत्र को सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाएगी।