प्रकृति ने हमें चांगेरी घास के रूप में एक वरदान दिया है, जो मामूली दिखने पर भी गुणों से भरपूर है। सायप्रेस रोटंडस नामक यह पौधा हृदय संबंधी रोगों और ल्यूकोरिया जैसी स्त्री रोगों में जबरदस्त असर दिखाता है। पारंपरिक चिकित्सा से लेकर वैज्ञानिक शोध तक, इसकी महिमा गाई जा रही है।
दिल की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए चांगेरी रामबाण। इसके पॉलीफेनॉल्स धमनियों में जमाव रोकते हैं तथा सूजन कम करते हैं। हृदयाघात के बाद रिकवरी में सहायक। जड़ों का रस या चाय पीने से ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है।
ल्यूकोरिया से पीड़ित महिलाओं को यह विशेष लाभ देती है। इसके एंटीफंगल गुण कवक संक्रमण नष्ट करते हैं तथा योनि मार्ग को मजबूत बनाते हैं। नियमित प्रयोग से डिस्चार्ज रुक जाता है और मासिक धर्म नियमित होता है।
अन्य लाभों में लीवर detox, जोड़ों का दर्द निवारण, बुखार उतारना और पेट की गड़बड़ी दूर करना शामिल। त्वचा पर एक्जिमा और फोड़े-फुंसी में लेप चमत्कारिक। बाल झड़ना रोकती है।
तैयारी आसान: ताजी जड़ें धोकर उबालें या पाउडर बनाएं। शहद के साथ सेवन करें। अधिक मात्रा से परहेज करें। डॉक्टर की सलाह जरूरी। यह सस्ती जड़ी-बूटी स्वास्थ्य क्रांति ला सकती है।