मधुमेह नियंत्रण का नया रहस्य खुला है – प्राकृतिक सूर्य प्रकाश। एक विस्तृत शोध में साबित हुआ कि नियमित धूप लेने से रोगी बेहतर ग्लूकोज प्रबंधन हासिल करते हैं।
18 महीने के परीक्षण में 1500 मधुमेह रोगियों को दो समूहों में बांटा गया। धूप लेने वालों का उपवास ग्लूकोज स्तर काफी कम हुआ। डॉ. राज पटेल ने बताया, ‘धूप जैविक घड़ी को ठीक करती है।’
यह सेरोटोनिन और मेलाटोनिन संतुलन बनाकर तनाव कम करती है, जो इंसुलिन प्रतिरोध बढ़ाता है। शहरवासियों को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। एसपीएफ के साथ मध्यम धूप सुरक्षित है।
पिछले दशक में मधुमेह 40 प्रतिशत बढ़ा है। अब ‘धूप प्रिस्क्रिप्शन’ की शुरुआत हो रही है।
यह शोध प्रकृति की मुफ्त चिकित्सा को रेखांकित करता है। रोजाना थोड़ी धूप लें, मधुमेह पर विजय पाएं।