एनएसई और आईजीएक्स की साझेदारी से भारतीय प्राकृतिक गैस फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट बाजार में उतरने जा रहा है, जो ऊर्जा व्यापार को नई दिशा देगा। यह कदम देश के गैस बाजार को संस्थागत रूप प्रदान करेगा और व्यापारियों को वैश्विक मूल्य अस्थिरता से बचाने में सहायक होगा।
एनएसई के इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध यह कॉन्ट्रैक्ट आईजीएक्स के स्पॉट गैस व्यापार अनुभव से मजबूत होगा। भारत में प्राकृतिक गैस की खपत तेजी से बढ़ रही है, जो स्वच्छ ऊर्जा नीतियों और औद्योगिक विस्तार से प्रेरित है। 2030 तक 100 एमएमटी मांग का अनुमान है।
ओटीसी सौदों पर निर्भरता अब समाप्त हो रही है। यह फ्यूचर्स उत्पाद भारतीय डिलीवरी पॉइंट्स और अनुबंध आकारों पर आधारित है, जो वास्तविक जरूरतों से मेल खाता है। प्रमुख विशेषताओं में मासिक समाप्ति, लाभांश मार्जिनिंग और स्पॉट बाजार से अभिसरण शामिल हैं।
एलएनजी आयातकों, बिजली उत्पादकों और वित्तीय संस्थानों के लिए यह खुला है। उद्योग जगत में उत्साह है—एक विश्लेषक ने कहा कि इससे मूल्य स्थिरता आएगी और विदेशी निवेश बढ़ेगा। राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों के अनुरूप यह कदम महत्वपूर्ण है।
आरंभिक तरलता निर्माण और जागरूकता अभियान चुनौतियां हैं, लेकिन दोनों एक्सचेंजों का ट्रैक रिकॉर्ड भरोसा दिलाता है। एशियाई गैस बाजारों से एकीकरण की संभावना भी है। यह लॉन्च भारत के कमोडिटी डेरिवेटिव्स को वैश्विक स्तर पर ले जाएगा, जोखिम प्रबंधन को सशक्त बनाते हुए।