दिल्ली विश्वविद्यालय में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का दौरा चर्चा का केंद्र बना। छात्रों के साथ बजट 2025 पर हुए इस संवाद ने नीतिगत दिशा को नया आयाम दिया। इकोनॉमिक्स और कॉमर्स के छात्रों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
सीतारमण ने इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किलिंग और फिस्कल रिस्पॉन्सिबिलिटी पर प्रकाश डाला। बेरोजगारी, महिला सशक्तिकरण और इनोवेशन फंडिंग पर छात्रों के सवालों का विस्तार से जवाब दिया।
रिसर्च ग्रांट्स और इंक्यूबेटर्स के लिए आवंटन बढ़ाने का ऐलान किया। जलवायु कार्रवाई, ईवी प्रोत्साहन और जीएसटी सरलीकरण पर चर्चा हुई। छात्र सुझाव पोर्टल के जरिए भेज सकेंगे।
सत्र समाप्ति पर उत्साह छाया रहा। यह मंच युवा आवाजों को बजट में स्थान देगा। भारत की 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था की ओर यह कदम महत्वपूर्ण है। शासन में समावेशिता का बेहतरीन उदाहरण।