वस्त्र मंत्रालय ने नीति निर्माण में डेटा की भूमिका बढ़ाने के उद्देश्य से 15 राज्यों संग एमओयू साइन किए हैं। यह प्रयास वस्त्र उद्योग को आधुनिक, डेटा संचालित नीतियों से लैस करेगा।
मध्य प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना, ओडिशा सहित इन राज्यों में डेटा संग्रहण और विश्लेषण के लिए पृथक इकाइयां बनेंगी। मंत्रालय एआई टूल्स, पूर्वानुमान मॉडल और क्षमता निर्माण में मदद करेगा।
हैंडलूम क्लस्टरों से लेकर पावरलूम हब तक, विभिन्न मीट्रिक्स पर डेटा इकट्ठा होगा। जल उपयोग, श्रमिक प्रवास और जैविक कपास जैसे मुद्दों पर संयुक्त अध्ययन होंगे।
यह पहल 45 मिलियन से अधिक लोगों को रोजगार देने वाले क्षेत्र की उत्पादकता 20-30 प्रतिशत बढ़ा सकती है। पीएम मित्रा पार्क और टीयूएफएस जैसी योजनाओं से तालमेल होगा।
उद्योग प्रतिनिधियों ने इसे सकारात्मक बताया है। सार्वजनिक-निजी डेटा साझेदारी पर जोर दिया जा रहा है।
भविष्य में राष्ट्रीय डेटा पोर्टल से नीतियां तेज और सटीक होंगी, जो भारत को वैश्विक वस्त्र बाजार में मजबूत बनाएगा।